Lord Ganesha

श्री विघ्नेश्वर अष्टोत्तरशत नामावलि

(Shri Vighneshwara Ashtottara Shatanamavali)

From Puranas

This sacred composition consists of the one hundred and eight auspicious names of Lord Ganesha, the remover of obstacles and the lord of beginnings. Derived from Puranic traditions, the chanting of these names is considered a powerful spiritual practice to invoke the wisdom, grace, and protection of the elephant-headed deity. Devotees recite this stotra to eliminate difficulties, attain success in professional and personal endeavors, and cultivate inner peace. It serves as a meditative tool to focus the mind on the divine qualities of Ganapati, fostering devotion and spiritual growth in the seeker's daily life.

ॐ विनायकाय नमः
ॐ विघ्नराजाय नमः
ॐ गौरीपुत्राय नमः
ॐ गणेश्वराय नमः
ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः
ॐ अव्ययाय नमः
ॐ पूताय नमः
ॐ दक्षाय नमः
ॐ अध्यक्षाय नमः
ॐ द्विजप्रियाय नमः (10)
ॐ अग्निगर्भच्छिदे नमः
ॐ इन्द्रश्रीप्रदाय नमः
ॐ वाणीप्रदाय नमः
ॐ अव्ययाय नमः
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ शर्वतनयाय नमः
ॐ शर्वरीप्रियाय नमः
ॐ सर्वात्मकाय नमः
ॐ सृष्टिकर्त्रे नमः
ॐ देवाय नमः (20)
ॐ अनेकार्चिताय नमः
ॐ शिवाय नमः
ॐ शुद्धाय नमः
ॐ बुद्धिप्रियाय नमः
ॐ शान्ताय नमः
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
ॐ गजाननाय नमः
ॐ द्वैमात्रेयाय नमः
ॐ मुनिस्तुत्याय नमः
ॐ भक्तविघ्नविनाशनाय नमः (30)
ॐ एकदन्ताय नमः
ॐ चतुर्बाहवे नमः
ॐ चतुराय नमः
ॐ शक्तिसंयुताय नमः
ॐ लम्बोदराय नमः
ॐ शूर्पकर्णाय नमः
ॐ हरये नमः
ॐ ब्रह्मविदुत्तमाय नमः
ॐ कालाय नमः
ॐ ग्रहपतये नमः (40)
ॐ कामिने नमः
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
ॐ पाशाङ्कुशधराय नमः
ॐ चण्डाय नमः
ॐ गुणातीताय नमः
ॐ निरञ्जनाय नमः
ॐ अकल्मषाय नमः
ॐ स्वयंसिद्धाय नमः
ॐ सिद्धार्चितपदाम्बुजाय नमः
ॐ बीजापूरफलासक्ताय नमः (50)
ॐ वरदाय नमः
ॐ शाश्वताय नमः
ॐ कृतिने नमः
ॐ विद्वत् प्रियाय नमः
ॐ वीतभयाय नमः
ॐ गदिने नमः
ॐ चक्रिणे नमः
ॐ इक्षुचापधृते नमः
ॐ श्रीदाय नमः
ॐ अजाय नमः (60)
ॐ उत्पलकराय नमः
ॐ श्रीप्रतये नमः
ॐ स्तुतिहर्षिताय नमः
ॐ कुलाद्रिभेत्त्रे नमः
ॐ जटिलाय नमः
ॐ कलिकल्मषनाशनाय नमः
ॐ चन्द्रचूडामणये नमः
ॐ कान्ताय नमः
ॐ पापहारिणे नमः
ॐ समाहिताय नमः (70)
ॐ आश्रिताय नमः
ॐ श्रीकराय नमः
ॐ सौम्याय नमः
ॐ भक्तवाञ्छितदायकाय नमः
ॐ शान्ताय नमः
ॐ कैवल्यसुखदाय नमः
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
ॐ ज्ञानिने नमः
ॐ दयायुताय नमः
ॐ दान्ताय नमः (80)
ॐ ब्रह्मद्वेषविवर्जिताय नमः
ॐ प्रमत्तदैत्यभयताय नमः
ॐ श्रीकण्ठाय नमः
ॐ विबुधेश्वराय नमः
ॐ रमार्चिताय नमः
ॐ निधये नमः
ॐ नागराजयज्ञोपवीतवते नमः
ॐ स्थूलकण्ठाय नमः
ॐ स्वयङ्कर्त्रे नमः
ॐ सामघोषप्रियाय नमः (90)
ॐ परस्मै नमः
ॐ स्थूलतुण्डाय नमः
ॐ अग्रण्ये नमः
ॐ धीराय नमः
ॐ वागीशाय नमः
ॐ सिद्धिदायकाय नमः
ॐ दूर्वाबिल्वप्रियाय नमः
ॐ अव्यक्तमूर्तये नमः
ॐ अद्भुतमूर्तिमते नमः
ॐ शैलेन्द्र तनुजोत्सङ्गखेलनोत्सुक मानसाय नमः (100)
ॐ स्वलावण्यसुतासारजितमन्मथविग्रहाय नमः
ॐ समस्तजगदाधाराय नमः
ॐ मायिने नमः
ॐ मूषिकवाहनाय नमः
ॐ हृष्टाय नमः
ॐ तुष्टाय नमः
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः (108)
इति श्रीविघ्नेश्वराष्टोत्तर शतनामावलीः सम्पूर्णा

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