Lord Ganesha

गणपति गकार अष्टोत्तर शत नामावलि

(Ganapati Gakara Ashtottara Shatanavali)

Traditional

This sacred text is a unique 108-name hymn dedicated to Lord Ganesha, where every name starts with the syllable Ga, representing the primordial sound associated with the deity. By invoking Ganesha through these specific seed sounds, the devotee seeks to remove obstacles and harmonize the energy centers of the body. Chanting this Namavali is believed to bestow clarity of mind, eloquence, and divine wisdom. It serves as a meditative practice to focus on the essential nature of the elephant-headed god, ensuring success in spiritual pursuits and the removal of deep-seated karmic blockages.

ॐ गकाररूपाय नमः
ॐ गम्बीजाय नमः
ॐ गणेशाय नमः
ॐ गणवन्दिताय नमः
ॐ गणाय नमः
ॐ गण्याय नमः
ॐ गणनातीतसद्गुणाय नमः
ॐ गगनादिकसृजे नमः
ॐ गङ्गासुताय नमः
ॐ गङ्गासुतार्चिताय नमः
ॐ गङ्गाधरप्रीतिकराय नमः
ॐ गवीशेड्याय नमः
ॐ गदापहाय नमः
ॐ गदाधरसुताय नमः
ॐ गद्यपद्यात्मककवित्वदाय नमः
ॐ गजास्याय नमः
ॐ गजलक्ष्मीपते नमः
ॐ गजावाजिरथप्रदाय नमः
ॐ गञ्जानिरतशिक्षाकृतये नमः
ॐ गणितज्ञाय नमः
ॐ गण्डदानाञ्चिताय नमः
ॐ गन्त्रे नमः
ॐ गण्डोपलसमाकृतये नमः
ॐ गगनव्यापकाय नमः
ॐ गम्याय नमः
ॐ गमनादिविवर्जिताय नमः
ॐ गण्डदोषहराय नमः
ॐ गण्डभ्रमद्भ्रमरकुण्डलाय नमः
ॐ गतागतज्ञाय नमः
ॐ गतिदाय नमः
ॐ गतमृत्यवे नमः
ॐ गतोद्भवाय नमः
ॐ गन्धप्रियाय नमः
ॐ गन्धवाहाय नमः
ॐ गन्धसिन्धुरबृन्दगाय नमः
ॐ गन्धादिपूजिताय नमः
ॐ गव्यभोक्त्रे नमः
ॐ गर्गादिसन्नुताय नमः
ॐ गरिष्ठाय नमः
ॐ गरभिदे नमः
ॐ गर्वहराय नमः
ॐ गरलिभूषणाय नमः
ॐ गविष्ठाय नमः
ॐ गर्जितारावाय नमः
ॐ गभीरहृदयाय नमः
ॐ गदिने नमः
ॐ गलत्कुष्ठहराय नमः
ॐ गर्भप्रदाय नमः
ॐ गर्भार्भरक्षकाय नमः
ॐ गर्भाधाराय नमः
ॐ गर्भवासिशिशुज्ञानप्रदाय नमः
ॐ गरुत्मत्तुल्यजवनाय नमः
ॐ गरुडध्वजवन्दिताय नमः
ॐ गयेडिताय नमः
ॐ गयाश्राद्धफलदाय नमः
ॐ गयाकृतये नमः
ॐ गदाधरावतारिणे नमः
ॐ गन्धर्वनगरार्चिताय नमः
ॐ गन्धर्वगानसन्तुष्टाय नमः
ॐ गरुडाग्रजवन्दिताय नमः
ॐ गणरात्रसमाराध्याय नमः
ॐ गर्हणास्तुतिसाम्यधिये नमः
ॐ गर्ताभनाभये नमः
ॐ गव्यूतिदीर्घतुण्डाय नमः
ॐ गभस्तिमते नमः
ॐ गर्हिताचारदूराय नमः
ॐ गरुडोपलभूषिताय नमः
ॐ गजारिविक्रमाय नमः
ॐ गन्धमूषवाजिने नमः
ॐ गतश्रमाय नमः
ॐ गवेषणीयाय नमः
ॐ गहनाय नमः
ॐ गहनस्थमुनिस्तुताय नमः
ॐ गवयच्छिदे नमः
ॐ गण्डकभिदे नमः
ॐ गह्वरापथवारणाय नमः
ॐ गजदन्तायुधाय नमः
ॐ गर्जद्रिपुघ्नाय नमः
ॐ गजकर्णिकाय नमः
ॐ गजचर्मामयच्छेत्रे नमः
ॐ गणाध्यक्षाय नमः
ॐ गणार्चिताय नमः
ॐ गणिकानर्तनप्रीताय नमः
ॐ गच्छते नमः
ॐ गन्धफलीप्रियाय नमः
ॐ गन्धकादिरसाधीशाय नमः
ॐ गणकानन्ददायकाय नमः
ॐ गरभादिजनुर्हर्त्रे नमः
ॐ गण्डकीगाहनोत्सुकाय नमः
ॐ गण्डूषीकृतवाराशये नमः
ॐ गरिमालघिमादिदाय नमः
ॐ गवाक्षवत्सौधवासिने नमः
ॐ गर्भिताय नमः
ॐ गर्भिणीनुताय नमः
ॐ गन्धमादनशैलाभाय नमः
ॐ गण्डभेरुण्डविक्रमाय नमः
ॐ गदिताय नमः
ॐ गद्गदारावसंस्तुताय नमः
ॐ गह्वरीपतये नमः
ॐ गजेशाय नमः
ॐ गरीयसे नमः
ॐ गद्येड्याय नमः
ॐ गतभिदे नमः
ॐ गदितागमाय नमः
ॐ गर्हणीयगुणाभावाय नमः
ॐ गङ्गादिकशुचिप्रदाय नमः
ॐ गणनातीतविद्याश्रीबलायुष्यादिदायकाय नमः
॥ इति गणपति गकार अष्टोत्तर शतनामावलि ॥

Explore More