हरिः ॐ अथातः पञ्चाङ्ग रुद्राणाम् ॥
ओङ्कारमन्त्र संयुँक्त-न्नित्य-न्ध्यायन्ति योगिनः ।
नमस्ते देव देवेश नमस्ते परमेश्वर ।
ओ-न्नमो भगवते॑ रुद्रा॒य ॥ ओ-म्भूर्भुव॒स्सुवः॑ ॥ ओ-न्नम् ॥
नम॑स्ते रुद्र म॒न्यव॑ उ॒तोत॒ इष॑वे॒ नमः॑ ।
महादेव-म्महात्मान-म्महापातकनाशनम् ।
ओ-म्भूर्भुव॒स्सुवः॒ ॥ ओ-म्मम् ॥
शिवं शान्त-ञ्जगन्नाथं-लोँकानुग्रहकारणम् ।
ओ-म्भूर्भुव॒स्सुवः॒ ॥ ॐ शिम् ॥
वाहनं-वृँषभो यस्य वासुकी कण्ठभूषणम् ।
ओ-म्भूर्भुव॒स्सुवः॒ ॥ ॐ-वाँम् ॥
यत्र कुत्र स्थित-न्देवं सर्वव्यापिनमीश्वरम् ।
ओ-म्भूर्भुव॒स्सुवः॒ ॥ ॐ-यँम् ॥
