प्रेताक्षी डाकिनी काली कालरात्री निशाचरी ॥ १ ॥
ऊर्ध्वकेशी विरूपाक्षी शुष्काङ्गी मांसभोजिनी ॥ २ ॥
रक्ता च घोररक्ताक्षी विरूपाक्षी भयङ्करी ॥ ३ ॥
भैरवी चक्रिणी क्रोधा दुर्मुखी प्रेतवाहिनी ॥ ४ ॥
कालाग्नि मोहिनी चक्री कङ्काली भुवनेश्वरी ॥ ५ ॥
कौशिकी भक्षिणी यक्षी कौमारी यन्त्रवाहिनी ॥ ६ ॥
धूर्जटा विकटी घोरा कपाली विषलाङ्गली ॥ ७ ॥
त्रैलोक्यपूजिता नित्यं देवमानुषयोगिभिः ॥ ८ ॥
