श्री देव्युवाच ।
तत्पठ्यतां विधानेन तथा सर्वं भविष्यति ॥
इत्युक्त्वा पार्वती देवि श्रावयामास तच्चतान् ।
तदेव नामसाहस्रं दकारादि वरानने ॥
रोगदारिद्र्यदौर्भाग्यशोकदुःखविनाशकम् ।
सर्वासां पूजितं नाम श्रीदुर्गादेवता मता ॥
निजबीजं भवेद्बीजं मन्त्रं कीलकमुच्यते ।
सर्वाशापूरणे देवी विनियोगः प्रकीर्तितः ॥
ॐ अस्य श्रीदकारादि दुर्गासहस्रनाम स्तोत्रस्य शिव ऋषिः अनुष्टुप्छन्दः श्रीदुर्गा देवता दुं बीजं दुं कीलकं दुःखदारिद्र्यरोगशोक निवृत्त्यर्थं पाठे विनियोगः ।
विद्युद्दामसमप्रभां मृगपति स्कन्धस्थितां भीषणां
कन्याभिः करवालखेटविलद्दस्ताभिरासेविताम् ।
हसैश्चक्रगदासिखेट विशिखांश्चापं गुणं तर्जनीं
बिभ्राणामनलात्मिकां शशिधरां दुर्गां त्रिनेत्रां भजे ॥
दुर्गमार्गानुसञ्चारा दुर्गमार्गनिवासिनी ॥ 1 ॥
दुर्गमार्गकृतावासा दुर्गमार्गजयप्रिया ॥ 2 ॥
दुर्गमार्गस्तुतिपरा दुर्गमार्गस्मृतिः परा ॥ 3 ॥
दुर्गमार्गस्थलस्थाना दुर्गमार्गविलासिनी ॥ 4 ॥
दुर्गासुरनिहन्त्री च दुर्गासुरनिषूदिनी ॥ 5 ॥
दुर्गासुरवधोन्मत्ता दुर्गासुरवधोत्सुका ॥ 6 ॥
दुर्गासुरवधप्रेप्सुः दुर्गासुरमुखान्तकृत् ॥ 7 ॥
दुर्गविद्रावणकरी दुर्गविद्रावणी सदा ॥ 8 ॥
दुर्गविध्वंसनकरी दुर्गदैत्यनिकृन्तनी ॥ 9 ॥
दुर्गदैत्यहरत्राता दुर्गदैत्यासृगुन्मदा ॥ 10 ॥
दुर्गयुद्धोत्सवकरी दुर्गयुद्धविशारदा ॥ 11 ॥
दुर्गयुद्धहास्यरता दुर्गयुद्धाट्टहासिनी ॥ 12 ॥
दुर्गयुद्धोत्सवोत्साहा दुर्गदेशनिषेविणी ॥ 13 ॥
दुर्गदेशार्चनरता दुर्गदेशजनप्रिया ॥ 14 ॥
दुर्गमा दुर्गमध्याना दुर्गमात्मस्वरूपिणी ॥ 15 ॥
दुर्गमागमदुर्ज्ञेया दुर्गमश्रुतिसम्मता ॥ 16 ॥
दुर्गमश्रुतिसुप्रीता दुर्गमश्रुतिहर्षदा ॥ 17 ॥
दुर्गमाचारसन्तुष्टा दुर्गमाचारतोषिता ॥ 18 ॥
दुर्गमाचारकलिता दुर्गमस्थानदायिनी ॥ 19 ॥
दुर्गमाम्बुजमध्यस्था दुर्गमाम्बुजवासिनी ॥ 20 ॥
दुर्गनाडीपद्मरता दुर्गनाड्यम्बुजस्थिता ॥ 21 ॥
दुर्गनाडीरतरता दुर्गनाडीशसंस्तुता ॥ 22 ॥
दुर्गनाडीशक्रोडस्था दुर्गनाड्यत्थितोत्सुका ॥ 23 ॥
दरिस्थाना दरिस्थानवासिनी दनुजान्तकृत् ॥ 24 ॥
दरीजापितदिष्टा च दरीकृतरतिप्रिया ॥ 25 ॥
दरीसन्दर्शनरता दरीरोपितवृश्चिका ॥ 26 ॥
दनुजान्तकरी दीना दनुसन्तानदारिणी ॥ 27 ॥
दानवध्वंसिनी देवी दानवानां भयङ्करी ॥ 28 ॥
दानवेन्द्रनिहन्त्री च दानवद्वेषिणीसती ॥ 29 ॥
दानवारिकृतार्चा च दानवारिविभूतिदा ॥ 30 ॥
दानवारिदानरता दानवारिकृतास्पदा ॥ 31 ॥
दानवार्याहाररता दानवारिप्रबोधिनी ॥ 32 ॥
दुःखहन्त्री दुःखदात्री दुःखनिर्मूलकारिणी ॥ 33 ॥
दुःखहरा दुःखनाशा दुःखग्रामा दुरासदा ॥ 34 ॥
द्रविणोत्सर्गसन्तुष्टा द्रविणत्यागतोषिता ॥ 35 ॥
द्रविणस्पर्शहर्षाढ्या द्रविणस्पर्शतुष्टिदा ॥ 36 ॥
द्रविणस्पर्शनोत्साहा द्रविणस्पर्शसाधिता ॥ 37 ॥
द्रविणस्पर्शरक्षिणी द्रविणस्तोमदायिनी ॥ 38 ॥
द्रविणाचलदानाढ्या द्रविणाचलवासिनी ॥ 39 ॥
दीनसेव्या दीनसिद्धा दीनसाध्या दिगम्बरी ॥ 40 ॥
दीनभावप्रेमरता दीनभावविनोदिनी ॥ 41 ॥
दीनदैन्यविघातेच्छुर्दीनद्रविणदायिनी ॥ 42 ॥
दीनपुत्रादिदात्री च दीनसम्यग्विधायिनी ॥ 43 ॥
दत्तात्रेयर्षिसंसिद्धा दत्तात्रेयविभाविता ॥ 44 ॥
दत्तात्रेयहर्षदात्री दत्तात्रेयसुखप्रदा ॥ 45 ॥
दत्तात्रेयप्रेमरता दत्तात्रेयानुमानिता ॥ 46 ॥
दत्तात्रेयप्राणतुल्या दत्तात्रेयशरीरिणी ॥ 47 ॥
दत्तात्रेयविभूतिस्था दत्तात्रेयानुसारिणी ॥ 48 ॥
दत्तात्रेयदुःखहरा दत्तात्रेयवरप्रदा ॥ 49 ॥
देवकन्या देवमान्या देवदुःखविनाशिनी ॥ 50 ॥
देवमान्या देवधन्या देवविघ्नविनाशिनी ॥ 51 ॥
देवक्रीडा देवव्रीडा देववैरिविनाशिनी ॥ 52 ॥
देवदेवप्रिया देवी देवदानववन्दिता ॥ 53 ॥
देवदेवप्रेमरता देवदेवप्रियंवदा ॥ 54 ॥
देवदेवहृतमना देवदेवसुखावहा ॥ 55 ॥
देवदेवमहानन्दा देवदेवप्रचुम्बिता ॥ 56 ॥
देवदेवगतप्राणा देवदेवगतात्मिका ॥ 57 ॥
देवदेवमहानन्दा देवदेवविलासिनी ॥ 58 ॥
देवदेववधूर्देवी देवदेवार्चनप्रिया ॥ 59 ॥
देवदेवाङ्गसुखिनी देवदेवाङ्गवासिनी ॥ 60 ॥
देवदेवप्रियकरी देवदेवाप्रियान्तकृत् ॥ 61 ॥
देवदेवार्चकप्राणा देवदेवार्चकप्रिया ॥ 62 ॥
देवदेवार्चकाविघ्ना देवदेवप्रसूरपि ॥ 63 ॥
देवदेवस्य रमणी देवदेवहृदाश्रया ॥ 64 ॥
देवताभावसन्तुष्टा देवताभावतोषिता ॥ 65 ॥
देवताभावसंसिद्धा देवताभावसम्भवा ॥ 66 ॥
देवताभावसुप्रीता देवताभावहर्षदा ॥ 67 ॥
देवतापूजितपदा देवताप्रेमतोषिता ॥ 68 ॥
देवतानिजभावा च देवताहृतमानसा ॥ 69 ॥
देवतागर्वमध्यस्था देवतादेवतातनुः ॥ 70 ॥
दून्नमोमन्त्ररूपा च दून्नमोमूर्तिकात्मिका ॥ 71 ॥
दूरदर्शिप्रेमरता दूरदर्शिप्रियंवदा ॥ 72 ॥
दूरदर्शिकण्ठसंस्था दूरदर्शिप्रहर्षिता ॥ 73 ॥
दूरदर्शिप्राणतुल्या दूरदर्शिसुखप्रदा ॥ 74 ॥
दूरदर्श्यरिविद्भावा दीर्घदर्शिप्रमोदिनी ॥ 75 ॥
दीर्घदर्शिहर्षदात्री दीर्घदर्शिप्रहर्षिता ॥ 76 ॥
दीर्घदर्शिगृहीतार्चा दीर्घदर्शिहृतार्हणा ॥ 77 ॥
दयार्द्रा च दयाशीला दयाढ्या च दयात्मिका ॥ 78 ॥
दयासिन्धुर्दयाभारा दयावत्करुणाकरी ॥ 80 ॥
दयावद्भक्तिसुखिनी दयावत्परितोषिता ॥ 81 ॥
दयावत्प्राणकर्त्री च दयावन्मुक्तिदायिनी ॥ 82 ॥
दयावत्तारणपरा दयावत्सिद्धिदायिनी ॥ 83 ॥
दयावद्देहनिलया दयाबन्धुर्दयाश्रया ॥ 84 ॥
दयालुशरणासक्ता दयालुर्देहमन्दिरा ॥ 85 ॥
दयालुसुखदा दम्भा दयालुप्रेमवर्षिणी ॥ 86 ॥
दीर्घनेत्रा दीर्घचक्षुर्दीर्घबाहुलतात्मिका ॥ 87 ॥
दारुणासुरहन्त्री च दारुणासुरदारिणी ॥ 88 ॥
दारुणाहवहोमाढ्या दारुणाचलनाशिनी ॥ 89 ॥
दारुणोद्यतरूपा च दारुणारिनिवारिणी ॥ 90 ॥
दशदोष्का दशभुजा दशबाहुविराजिता ॥ 91 ॥
दशरथार्चितपदा दाशरथिप्रिया सदा ॥ 92 ॥
दाशरथिप्रियकरी दाशरथिप्रियंवदा ॥ 93 ॥
दाशरथिद्वेषिनाशा दाशरथ्यानुकूल्यदा ॥ 94 ॥
दशाननारिसम्पूज्या दशाननारिदेवता ॥ 95 ॥
दशाननारिरतिदा दशाननारिसेविता ॥ 96 ॥
दशाननारीष्टदेवी दशग्रीवारिवन्दिता ॥ 97 ॥
दशग्रीवारिसहिता दशग्रीवसभाजिता ॥ 98 ॥
दशग्रीवनाशकर्त्री दशग्रीववरप्रदा ॥ 99 ॥
दशग्रीवप्रीतिदात्री दशग्रीवविनाशिनी ॥ 100 ॥
दशग्रीवप्रियावन्द्या दशग्रीवाहृता तथा ॥ 101 ॥
दशग्रीवेश्वरप्राणा दशग्रीववरप्रदा ॥ 102 ॥
दशवर्षीयबाला च दशवर्षीयवासिनी ॥ 103 ॥
दशशस्त्रलसद्दोष्का दशदिक्पालवन्दिता ॥ 104 ॥
दशविद्याभिन्नदेवी दशप्राणस्वरूपिणी ॥ 105 ॥
दृक्स्वरूपा दृक्प्रदात्री दृग्रूपा दृक्प्रकाशिनी ॥ 106 ॥
दिगम्बरसमाजस्था दिगम्बरप्रपूजिता ॥ 107 ॥
दिगम्बरहृताचित्ता दिगम्बरकथाप्रिया ॥ 108 ॥
दिगम्बरशिरोधार्या दिगम्बरहृताश्रया ॥ 109 ॥
दिगम्बरीस्वरूपा च दिगम्बरीगणार्चिता ॥ 110 ॥
दिगम्बरीगणाराध्या दिगम्बरगणेश्वरा ॥ 111 ॥
दिगम्बरीकोटिवृता दिगम्बरीगणावृता ॥ 112 ॥
दुरन्तदानवद्वेष्टी दुरन्तदनुजान्तकृत् ॥ 113 ॥
दस्रमानससंस्थाना दस्रज्ञानविवर्धिनी ॥ 114 ॥
दस्रसम्भोगभवना दस्रविद्याविधायिनी ॥ 115 ॥
दस्रभक्तिविधाज्ञाना दस्रद्विषविनाशिनी ॥ 116 ॥
दस्रताराराधिता च दस्रमातृप्रपूजिता ॥ 117 ॥
दस्रपितृशतज्योतिर्दस्रकौशलदायिनी ॥ 118 ॥
दशशीर्षपुरी देवी दशशीर्षसभाजिता ॥ 119 ॥
दशशीर्षशिरश्छेत्री दशशीर्षनितम्बिनी ॥ 120 ॥
दशशीर्षहराराध्या दशशीर्षारिवन्दिता ॥ 121 ॥
दशशीर्षज्ञानदात्री दशशीर्षारिदेहिनी ॥ 122 ॥
दशशीर्षराष्ट्रदेवी दशशीर्षारिसारिणी ॥ 123 ॥
दशशीर्षवधूप्राणा दशशीर्षवधूरता ॥ 124 ॥
दैत्यगुरूपदेष्ट्री च दैत्यगुरुनिषेविता ॥ 125 ॥
दुरन्तदुःखशमनी दुरन्तदमनीतमी ॥ 126 ॥
दुरन्तवैरिदमनी दुरन्तदैत्यनाशिनी ॥ 127 ॥
दुराशया दुराधारा दुर्जया दुष्टकामिनी ॥ 128 ॥
दूतीयागप्रिया दूती दूतीयागकरप्रिया ॥ 129 ॥
दूतीयागकरायाता दूतीयागप्रमोदिनी ॥ 130 ॥
दुर्वासोऽर्चितपादा च दुर्वासोमुनिभाविता ॥ 131 ॥
दुर्वासोमुनिमाता च दुर्वासोमुनिसिद्धिदा ॥ 132 ॥
दुर्वासोमुनिचित्तस्था दुर्वासोमुनिमण्डिता ॥ 133 ॥
दुर्वासोहृदयाराध्या दुर्वासोहृत्सरोजगा ॥ 134 ॥
दुर्वासस्तापसरता दुर्वासस्तापसेश्वरी ॥ 135 ॥
दररात्री दरहरा दरयुक्ता दरापहा ॥ 136 ॥
दरस्मेरा दरापाङ्गी दयादात्री दयाश्रया ।
दस्रपूज्या दस्रमाता दस्रदेवी दरोन्मदा ॥ 137 ॥
दस्रक्षोभहरा नित्या दस्रलोकगतात्मिका ॥ 138 ॥
दैत्यगुर्वङ्गनासिद्धा दैत्यगुर्वङ्गनोत्सुका ॥ 139 ॥
देवगुरुप्रसूरूपा देवगुरुकृतार्हणा ॥ 140 ॥
देवगुरुप्रभावज्ञा देवगुरुसुखप्रदा ॥ 141 ॥
दैत्यस्त्रीगणसम्पूज्या दैत्यस्त्रीगणपूजिता ॥ 142 ॥
देवस्त्रीगणपूज्या च देवस्त्रीगणवन्दिता ॥ 143 ॥
देवस्त्रीगणसंसिद्धा देवस्त्रीगणतोषिता ॥ 144 ॥
देवस्त्रीगणहस्तस्थचारुगन्धविलेपिता ॥ 145 ॥
देवाङ्गनोत्सृष्टनागवल्लीदलकृतोत्सुका ॥ 146 ॥
देवस्त्रीगणहस्तस्थदीपमालाविलोकना ॥ 147 ॥
देवनारीकङ्कतिकाकृतकेशनिमार्जना ॥ 148 ॥
देवनारीविरचितपुष्पमालाविराजिता ॥ 149 ॥
देवस्त्रीगणगीता च देवस्त्रीगीतसोत्सुका ॥ 150 ॥
देवस्त्रीयोजितलसद्रत्नपादपदाम्बुजा ॥ 151 ॥
देवनारीचारुकराकलिताङ्घ्र्यादिदेहिका ॥ 152 ॥
देवनारीवेणुवीणानादसोत्कण्ठमानसा ॥ 153 ॥
देवकोटिगीतगुणा देवकोटिकृतस्तुतिः ॥ 154 ॥
द्वेषरागपरित्यक्ता द्वेषरागविवर्जिता ॥ 155 ॥
दामोदरप्रेमरता दामोदरभगिन्यपि ॥ 156 ॥
दामोदराऽभिन्नदेहा दामोदररतिप्रिया ॥ 157 ॥
दामोदरकृतप्राणा दामोदरगतात्मिका ॥ 158 ॥
दामोदरालिङ्गिताङ्गी दामोदरकुतूहला ॥ 159 ॥
दामोदरसुताकृष्टा दामोदरसुखप्रदा ॥ 160 ॥
दामोदरगुणज्ञा च दामोदरवरप्रदा ॥ 161 ॥
दामोदरजलक्रीडाकुशला दर्शनप्रिया ॥ 162 ॥
दामोदरलसद्रासकेलिकौतुकिनी तथा ॥ 163 ॥
दामोदरधरा दामोदरवैरिविनाशिनी ॥ 164 ॥
दामोदरपराभूता दामोदरपराजिता ॥ 165 ॥
दामोदरोत्सवरता दामोदरोत्सवावहा ॥ 166 ॥
दमयन्तीसिद्धिदात्री दमयन्तीप्रसादिता ॥ 167 ॥
दमयन्तीकृतार्चा च दमनर्षिविभाविता ॥ 168 ॥
दमनर्षिस्वरूपा च दम्भपूरितविग्रहा ॥ 169 ॥
दम्भशीला दम्भहरा दम्भवत्परिमर्दिनी ॥ 170 ॥
दत्तमोक्षा दत्तधना दत्तारोग्या च दाम्भिका ॥ 171 ॥
दत्तभोगा दत्तशोका दत्तहस्त्यादिवाहना ॥ 172 ॥
दत्तपाना दत्तदाना दत्तदारिद्र्यनाशिनी ॥ 173 ॥
दास्यतुष्टा दास्यहरा दासदासीशतप्रदा ॥ 174 ॥
दारवासिजनाराध्या दारवासिजनप्रिया ॥ 175 ॥
दारवास्याहृतप्राणा दारवास्यारिनाशिनी ॥ 176 ॥
दाराग्निरूपिणी दारा दारकार्यरिनाशिनी ॥ 177 ॥
दम्पतीस्नेहनिरता दाम्पत्यसाधनप्रिया ॥ 178 ॥
दाम्पत्याचारनिरता दाम्पत्यामोदमोदिता ॥ 179 ॥
दम्पतीष्टपादपद्मा दाम्पत्यप्रेमरूपिणी ॥ 180 ॥
दाडिमीफलसन्तुष्टा दाडिमीफलमानसा ॥ 181 ॥
दाडिमीवृक्षरूपा च दाडिमीवनवासिनी ॥ 182 ॥
दक्षिणा दक्षिणारूपा दक्षिणारूपधारिणी ॥ 183 ॥
दक्षगोत्रा दक्षसुता दक्षयज्ञविनाशिनी ॥ 184 ॥
दक्षप्रसूतिर्दक्षेज्या दक्षवंशैकपावनी ॥ 185 ॥
दक्षजन्मा दक्षजनुर्दक्षदेहसमुद्भवा ॥ 186 ॥
दक्षिणाचारनिरता दक्षिणाचारतुष्टिदा ॥ 187 ॥
दक्षिणाचारसुखिनी दक्षिणाचारसाधिता ॥ 188 ॥
दक्षिणाचारशरणा दक्षिणाचारहर्षिता ॥ 189 ॥
द्वाररूपा द्वारसंस्था द्वारदेशनिवासिनी ॥ 190 ॥
दोषकरा दोषहरा दोषराशिविनाशिनी ॥ 191 ॥
दोषाकरसहस्राभा दोषाकरसमानना ॥ 192 ॥
दोषाकरसमज्योतिर्दोषाकरसुशीतला ॥ 193 ॥
दोषाकरेष्टदेवी च दोषाकरनिषेविता ॥ 194 ॥
दोषाकरोल्लसत्फाला दोषाकरसुहर्षिणी ॥ 195 ॥
दोषाकरवधूप्राणा दोषाकरवधूर्मता ॥ 196 ॥
दोषापूज्या तथा दोषापूजिता दोषहारिणी ॥ 197 ॥
दोषापुरश्चाररता दोषापूजकपुत्रिका ॥ 198 ॥
दोषापूजकवैरिघ्नी दोषापूजकविघ्नहृत् ॥ 199 ॥
दमप्रसूनसम्पूज्या दमपुष्पप्रिया सदा ॥ 200 ॥
दण्डपाणिप्रिया दण्डपाणिमाता दयानिधिः ॥ 201 ॥
दण्डपाणिगृहासक्ता दण्डपाणिप्रियंवदा ॥ 202 ॥
दण्डपाणिहृतप्राणा दण्डपाणिसुसिद्धिदा ॥ 203 ॥
दण्डपाणिविघ्नहरा दण्डपाणिशिरोधृता ॥ 204 ॥
दण्डपाणिप्राप्तपदा दण्डपाणिपराङ्मुखी ॥ 205 ॥
दण्डदोष्का दण्डकरा दण्डचित्तकृतास्पदा ॥ 206 ॥
दण्डिप्रिया दण्डिपूज्या दण्डिसन्तोषदायिनी ॥ 207 ॥
दस्युवर्गकृतार्हा च दस्युवर्गविनाशिनी ॥ 208 ॥
दस्युप्रियकरी दस्युनृत्यदर्शनतत्परा ॥ 209 ॥
दुष्टवर्गनिग्रहार्हा दूषकप्राणनाशिनी ॥ 210 ॥
दूषकद्वेषणकरी दाहिका दहनात्मिका ॥ 211 ॥
दारुकेश्वरमाता च दारुकेश्वरवन्दिता ॥ 212 ॥
दर्भमयी दर्भतनुर्दर्भसर्वस्वरूपिणी ॥ 213 ॥
दर्भानुकूला दार्भर्या दर्वीपात्रानुदामिनी ॥ 214 ॥
दमघोषसमाराध्या दावाग्निरूपिणी तथा ॥ 215 ॥
दन्तदंष्ट्रासुरकला दन्तचर्चितहस्तिका ॥ 216 ॥
दधिपूज्या दधिप्रीता दधीचिवरदायिनी ॥ 217 ॥
दधीचिदैन्यहन्त्री च दधीचिदरधारिणी ॥ 218 ॥
दधीचिज्ञानदात्री च दधीचिगुणदायिनी ॥ 219 ॥
दधीचिकुलदेवी च दधीचिकुलदेवता ॥ 220 ॥
दधीचिसुखदात्री च दधीचिदैन्यहारिणी ॥ 221 ॥
दधीचिकुलसम्भूता दधीचिकुलपालिनी ॥ 222 ॥
दधीचिदानसन्तुष्टा दधीचिदानदेवता ॥ 223 ॥
दधीचिजपपूजाढ्या दधीचिजपमालिका ॥ 224 ॥
दधीचितापसाराध्या दधीचिशुभदायिनी ॥ 225 ॥
नाम्नां सहस्रं दुर्गाया दादीनामिति कीर्तितम् ॥ 226 ॥
यः पठेत्साधकाधीशः सर्वसिद्धिर्लभेत्तु सः ।
प्रातर्मध्याह्नकाले च सन्ध्यायां नियतः शुचिः ॥ 227 ॥
शक्तियुक्ता महारात्रौ महावीरः प्रपूजयेत् ॥ 228 ॥
तत्पठेत् स्तुतिमिमां यः स च सिद्धिस्वरूपधृक् ॥ 229 ॥
वाराङ्गनागृहे चैव श्रीगुरोः सन्निधानपि ॥ 230 ॥
दुर्गानामसहस्रेण दुर्गां पश्यति चक्षुषा ॥ 231 ॥
स्तुतिसारो निगदितः किं भूयः श्रोतुमिच्छसि ॥ 232 ॥
