शिववामाङ्गसम्भूता शिवमानसहंसिनी ॥ १ ॥
त्रिजन्मपापसंहर्त्री त्रियम्बककुटम्बिनी ॥ २ ॥
फालस्थहेमतिलका लोलमौक्तिकनासिका ॥ ३ ॥
हरिणीनेत्रसाकारकरुणापूर्णलोचना ॥ ४ ॥
शङ्खग्रीवा चतुर्हस्ता कुचपङ्कजकुड्मला ॥ ५ ॥
वटपत्रोदरा चैव निर्मला घनमण्डिता ॥ ६ ॥
तप्तकाञ्चनकान्त्याढ्या हेमभूषितविग्रहा ॥ ७ ॥
कामतूणीरजघना कामप्रेष्ठगतल्पगा ॥ ८ ॥
वासवादिदिशानाथपूजिताङ्घ्रिसरोरुहा ॥ ९ ॥
स्वर्णकङ्कणज्वालाभकराङ्गुष्ठविराजिता ॥ १० ॥
ऐङ्काररूपा ऐङ्कारी ऐश्वर्यफलदायिनी ॥ ११ ॥
सौःकाररूपा सौःकारी सौन्दर्यगुणसम्युता ॥ १२ ॥
बिन्दुत्रिकोणषट्कोणवृत्ताष्टदलसम्युता ॥ १३ ॥
ओड्याणपीठनिलया ओजस्तेजःस्वरूपिणी ॥ १४ ॥
जालन्धरमहापीठा जानकीनाथसोदरी ॥ १५ ॥
मन्त्रमूर्तिर्महायोगा महावेगा महाबला ॥ १६ ॥
कीर्तियुक्ता कीर्तिधरा कीर्तिदा कीर्तिवैभवा ॥ १७ ॥
वरमूर्तिगृहावासा परमार्थस्वरूपिणी ॥ १८ ॥
अष्टत्रिंशत्कलामूर्तिः चतुःषष्टिकलात्मिका ॥ १९ ॥
दशाब्दवयसोपेता दिविपूज्या शिवाभिधा ॥ २० ॥
कदम्बवनसम्पन्ना सर्वदोषविनाशिनी ॥ २१ ॥
ज्ञानमूर्तिर्ज्ञानरूपा ज्ञानदा भयसंहरा ॥ २२ ॥
दीर्घायुर्विजयारोग्यपुत्रपौत्रप्रदायिनी ॥ २३ ॥
वरदाभयमुद्राढ्या बालात्रिपुरसुन्दरी ॥ २४ ॥
पठनान्मननाद्ध्यानात्सर्वमङ्गलकारकम् ॥ २५ ॥
