लीलाविनिर्मित चराचरहृन्निवासे ।
माला किरीट मणिकुण्डल मण्डिताङ्गे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ १ ॥
प्रत्युप्तरत्नरुचि रञ्जित पादपद्मे ।
मञ्जीर मञ्जुल विनिर्जित हंसनादे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ २ ॥
पादाग्रजावलि विनिर्जित मौक्तिकाभे ।
प्राणेश्वरि प्रथमलोकपते प्रजानां
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ३ ॥
रम्भादि मार्दव करीन्द्र करोरुयुग्मे ।
शम्पाशताधिक समुज्ज्वल चेललीले
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ४ ॥
माया विलग्न विलसन्मणिपट्टबन्धे ।
लोलम्बराजि विलसन्नवरोमजाले
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ५ ॥
निर्धूतहार विलसत्कुच चक्रवाके ।
निष्कादि मञ्जुमणिभूषण भूषिताङ्गे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ६ ॥
भ्रूवल्लरी विविध चेष्टित रम्यमाने ।
कन्दर्पसोदर समाकृति फालदेशे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ७ ॥
मन्दस्मितानन विनिर्मित चन्द्रबिम्बे ।
भक्तेष्टदान निरतामृत पूर्णदृष्टे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ८ ॥
कर्णान्तदीर्घ नवनीरजपत्र नेत्रे ।
स्वर्णायकादि गुणमौक्तिक शोभिनासे
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ ९ ॥
मल्ली नवीन कलिका नव कुन्दजाले ।
भालेन्दु मञ्जुल किरीट विराजमाने
बालाम्बिके मयि निधेहि कृपाकटाक्षम् ॥ १० ॥
पाहि मामम्ब कृपया त्वत्पादं शरणं गतः ॥ ११ ॥
