वदान्याय वरेण्याय वामदेवाय मङ्गलम् ॥ १ ॥
विश्वार्तिहरणायाऽस्तु विश्वनाथाय मङ्गलम् ॥ २ ॥
कमलापतिकान्ताय कल्परूपाय मङ्गलम् ॥ ३ ॥
सर्वमङ्गलरूपाय सद्योजाताय मङ्गलम् ॥ ४ ॥
ईषणात्रयहाराय चेशानोर्ध्वाय मङ्गलम् ॥ ५ ॥
अमलाय महेशाय अघोरेशाय मङ्गलम् ॥ ६ ॥
दूरीकृताय दुःखानां धूलिधाराय मङ्गलम् ॥ ७ ॥
हरिकेशाय हृद्याय हंसरूपाय मङ्गलम् ॥ ८ ॥
कमलालयवासाय करुणाक्षाय मङ्गलम् ॥ ९ ॥
नदीचन्द्रजटेशाय नादरूपाय मङ्गलम् ॥ १० ॥
महनीय मनोरम्य माननीयाय मङ्गलम् ॥ ११ ॥
सुलभाय सुशीलाय शिकाराद्याय मङ्गलम् ॥ १२ ॥
विष्णुब्रह्मादिवन्द्याय वकाराख्याय मङ्गलम् ॥ १३ ॥
यज्ञेशाय यमान्ताय यकारान्ताय मङ्गलम् ॥ १४ ॥
कलिकल्मषनाशाय मङ्गलं गुरुमूर्तये ॥ १५ ॥
पठतां श्रीरवाप्नोति भुक्तिमुक्तिप्रदेरिता ॥ १६ ॥
