सुचर्चिताङ्गचन्दनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ १ ॥
अनन्तकोटिमोहनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ २ ॥
नवाम्बुदाङ्गचिक्कणं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ३ ॥
दुकूलपीतशोभनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ४ ॥
अमूल्यरत्नभूषणं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ५ ॥
स्फुरत् श्रीवत्सलाञ्छनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ६ ॥
सुरेन्द्रगर्वमोचनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ७ ॥
जगन्मनःप्रलोभनं नमामि नन्दनन्दनम् ॥ ८ ॥
तरेद्भवाब्धिदुस्तरं लभेत्तदङ्घ्रियुक्तकम् ॥ ९ ॥
