Lord Shiva

यम कृत शिव केशव अष्टोत्तर शत नामावलिः

(Yama Krita Shiva Keshava Ashtottara Shata Namavali)

From Skanda Purana

Also known as om sri kantaya namah

This sacred text, extracted from the Skanda Purana, is a unique devotional composition attributed to Yama, the Lord of Death. It presents a divine synthesis of the 108 names of Lord Shiva and Lord Vishnu, emphasizing the non-dual essence of the two supreme deities. By chanting this dual-natured Ashtottara, a devotee transcends the fear of mortality and aligns with the cosmic order. It is believed that regular recitation destroys deep-seated sins, bestows spiritual liberation, and fosters harmony between the Shaiva and Vaishnava traditions, ultimately leading the practitioner toward divine grace and eternal peace.

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Script: Devanagari (देवनागरी) — also the script of Hindi, Marathi, Nepali and Konkani.

#of 108
ॐ श्री कान्ताय नमः
ॐ शिवाय नमः
ॐ असुरनिबर्हणाय नमः
ॐ मन्मधरिपवे नमः
ॐ जनार्थनाय नमः
ॐ खण्डपरशवे नमः
ॐ शङ्खपाणये नमः
ॐ शशिशेखराय नमः
ॐ दामोदराय नमः
ॐ त्रिपुरसूदनाय नमः । 10 ।
ॐ अम्बुदरनीलाय नमः
ॐ स्धाणवे नमः
ॐ आनन्दकन्दाय नमः
ॐ सर्वेश्वराय नमः
ॐ गोविन्दाय नमः
ॐ भूतेशाय नमः
ॐ गोपालाय नमः
ॐ गङ्गाधराय नमः
ॐ चाणूरमर्दनाय नमः
ॐ चण्डिकेशाय नमः । 20 ।
ॐ कंसप्रणाशनाय नमः
ॐ कर्पूरगौराय नमः
ॐ गोपीपतये नमः
ॐ शङ्कराय नमः
ॐ पीतवसनाय नमः
ॐ गिरिशाय नमः
ॐ गोवर्धनोद्धरणाय नमः
ॐ बालमृगाङ्क वर्णाय नमः
ॐ माथवाय नमः
ॐ भवाय नमः । 30 ।
ॐ वासुदेवाय नमः
ॐ विषमेक्षणाय नमः
ॐ मुरारये नमः
ॐ वृषभध्वजाय नमः
ॐ हृषीकपतये नमः
ॐ भूतपतये नमः
ॐ शौरये नमः
ॐ फालनेत्राय नमः
ॐ कृष्णाय नमः
ॐ हराय नमः । 40 ।
ॐ गरुडध्वजाय नमः
ॐ कृतिवसनाय नमः
ॐ कल्मषारये नमः
ॐ गौरीपतये नमः
ॐ कमराय नमः
ॐ शूलिने नमः
ॐ हरये नमः
ॐ रजनीशकलावन्तसाय नमः
ॐ रमेश्वराय नमः
ॐ पिनाकपाणये नमः । 50 ।
ॐ श्रीरामाय नमः
ॐ भर्गाय नमः
ॐ अनिरुद्धाय नमः
ॐ शूलपाणये नमः
ॐ नृसिंहय नमः
ॐ त्रिपथगार्द्रजटाकलापाय नमः
ॐ मुरहराय नमः
ॐ ईशाय नमः
ॐ राघवाय नमः
ॐ उरगाभरणाय नमः । 60 ।
ॐ पद्मनाभाय नमः
ॐ उग्राय नमः
ॐ मधुसूदनाय नमः
ॐ पिनाकपतये नमः
ॐ यादवे नमः
ॐ प्रमधादिनाथाय नमः
ॐ नारायणाय नमः
ॐ मृत्युञ्जयाय नमः
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
ॐ त्रिदशैकनाथाय नमः । 70 ।
ॐ अच्युताय नमः
ॐ कामशत्रवे नमः
ॐ अब्जपाणये नमः
ॐ दिग्वसनाय नमः
ॐ चक्रपाणये नमः
ॐ भूतेशाय नमः
ॐ ब्रह्मण्यदेवाय नमः
ॐ शर्वाय नमः
ॐ मुकुन्दाय नमः
ॐ विश्वेश्वराय नमः । 80 ।
ॐ सनातनाय नमः
ॐ त्रिनेत्राय नमः
ॐ रावणारये नमः
ॐ श्रीकण्ठाय नमः
ॐ धर्मधुरिणाय नमः
ॐ शम्भवे नमः
ॐ कमलाधीशाय नमः
ॐ ईशानाय नमः
ॐ यदुपतये नमः
ॐ मृडाय नमः । 90 ।
ॐ धरणीधराय नमः
ॐ अन्धकहराय नमः
ॐ शार्ज्गपाणये नमः
ॐ पुरारये नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ नीलकण्ठाय नमः
ॐ वैकुण्ठाय नमः
ॐ देवदेवाय नमः
ॐ मधुरिपवे नमः
ॐ त्रिलोचनाय नमः । 100 ।
ॐ कैटभरिपवे नमः
ॐ चन्द्र चूडाय नमः
ॐ केशिनाशाय नमः
ॐ गिरीशाय नमः
ॐ लक्ष्मी पतये नमः
ॐ त्रिपुरारये नमः
ॐ वसुदेव सूनवे नमः
ॐ त्र्यक्षाय नमः । 108 ।
इति श्री शिवकेशव अष्टोत्तर शतनामावलि (यम कृतं)

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