ॐ महाकाल ऋषये नमः शिरसि ।
अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे ।
श्री दक्षिण महाकाली देवतायै नमः हृदये ।
ह्रीं बीजाय नमः गुह्ये ।
हूं शक्तये नमः पादयोः ।
क्रीं कीलकाय नमो नाभौ ।
विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे ।
ॐ क्रां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।
ॐ क्रीं तर्जनीभ्यां नमः ।
ॐ क्रूं मध्यमाभ्यां नमः ।
ॐ क्रैं अनामिकाभ्यां नमः ।
ॐ क्रौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः ।
ॐ क्रः करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ।
ॐ क्रां हृदयाय नमः ।
ॐ क्रीं शिरसे स्वाहा ।
ॐ क्रूं शिखायै वषट् ।
ॐ क्रैं कवचाय हुम् ।
ॐ क्रौं नेत्रत्रयाय वौषट् ।
ॐ क्रः अस्त्राय फट् ।
करालवदनां घोरां मुक्तकेशीं चतुर्भुजाम् ।
कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्डमालाविभूषिताम् ॥ 1 ॥
अभयं वरदं चैव दक्षिणाधोर्ध्वपाणिकाम् ॥ 2 ॥
कण्ठावसक्तमुण्डालीगलद्रुधिरचर्चिताम् ॥ 3 ॥
घोरदंष्ट्राकरालास्यां पीनोन्नतपयोधराम् ॥ 4 ॥
सृक्काद्वयगलद्रक्तधाराविस्फुरिताननाम् ॥ 5 ॥
दन्तुरां दक्षिणव्यापिमुक्तलम्बकचोच्चयाम् ॥ 6 ॥
शिवाभिर्घोररूपाभिश्चतुर्दिक्षु समन्विताम् ॥ 7 ॥
सुखप्रसन्नवदनां स्मेराननसरोरुहाम् ।
एवं सञ्चिन्तयेद्देवीं श्मशानालयवासिनीम् ॥ 8 ॥
ॐ क्रीं काली क्रूं कराली च कल्याणी कमला कला ।
कलावती कलाढ्या च कलापूज्या कलात्मिका ॥ 1 ॥
कलाकोटिसमाभासा कलाकोटिप्रपूजिता ॥ 2 ॥
कलाधारा कमलिनी ककारा करुणा कविः ॥ 3 ॥
ककारकोटिगुणिता ककारकोटिभूषणा ॥ 4 ॥
ककारवर्णनिलया ककशब्दपरायणा ॥ 5 ॥
ककारवर्णरूपा च काकशब्दपरायणा ॥ 6 ॥
कमलाकरनाथा च कमलाकररूपधृक् ॥ 7 ॥
कमलाकरमध्यस्था कमलाकरतोषिता ॥ 8 ॥
कथङ्कारपदान्तस्था कथङ्कारपदार्थभूः ॥ 9 ॥
कमलाक्षवरोद्युक्ता ककारा कर्बुराक्षरा ॥ 10 ॥
करपूज्या कररता करदा करपूजिता ॥ 11 ॥
करप्राणा करकजा करका करकान्तरा ॥ 12 ॥
करकाचलपुत्री च करकाचलतोषिता ॥ 13 ॥
करकाचलसम्मान्या करकाचलकारिणी ॥ 14 ॥
करकाचलकान्तारा करकाचलमालिनी ॥ 15 ॥
करामलकसंस्था च करामलकसिद्धिदा ॥ 16 ॥
करामलककाली च करामलकरोचिनी ॥ 17 ॥
करामलकबद्ध्येया करामलकदायिनी ॥ 18 ॥
कञ्जमालाप्रियकरी कञ्जरूपा च कञ्जजा ॥ 19 ॥
कञ्जमण्डलमध्यस्था कञ्जाभरणभूषिता ॥ 20 ॥
कञ्जराशिसमाकारा कञ्जारण्यनिवासिनी ॥ 21 ॥
करञ्जफलभूषाढ्या करञ्जवनवासिनी ॥ 22 ॥
करवालप्रहृष्टात्मा करवालप्रियागतिः ॥ 23 ॥
करवालमयी कर्मा करवालप्रियङ्करी ॥ 24 ॥
कबन्धकूटसंस्थाना कबन्धानन्तभूषणा ॥ 25 ॥
कबन्धगृहमध्यस्था कबन्धवनवासिनी ॥ 26 ॥
कबन्धमालाजयदा कबन्धदेहवासिनी ॥ 27 ॥
कपालमालामध्यस्था कपालव्रततोषिता ॥ 28 ॥
कपालदीपवरदा कपालकज्जलस्थिता ॥ 29 ॥
कपालसिद्धिसंहृष्टा कपालभोजनोद्यता ॥ 30 ॥
कवित्वामृतसारा च कवित्वामृतसागरा ॥ 31 ॥
कविपूज्या कविगतिः कविरूपा कविप्रिया ॥ 32 ॥
कविमानससंस्थाना कविवाञ्छाप्रपूरणी ॥ 33 ॥
कज्जला कज्जलादानमानसा कज्जलप्रिया ॥ 34 ॥
कज्जलार्णवमध्यस्था कज्जलानन्दरूपिणी ॥ 35 ॥
कपालमालाभरणा कपालकरभूषणा ॥ 36 ॥
कपालकोटिनिलया कपालदुर्गकारिणी ॥ 37 ॥
कपालपात्रसन्तुष्टा कपालार्घ्यपरायणा ॥ 38 ॥
कपालचक्ररूपा च कपालरूपमात्रगा ॥ 39 ॥
कदलीपुष्पसम्प्रीता कदलीफलमानसा ॥ 40 ॥
कदलीगर्भमध्यस्था कदलीवनसुन्दरी ॥ 41 ॥
कदम्बकुसुमामोदा कदम्बवनतोषिणी ॥ 42 ॥
कदम्बपुष्पमध्यस्था कदम्बफलभोजिनी ॥ 43 ॥
कक्षपा कक्षपाराध्या कक्षपासनसंस्थिता ॥ 44 ॥
कलप्रीता कलहदा कलहा कलहातुरा ॥ 45 ॥
कर्णपिशाचिनी कर्णमञ्जरी कविकक्षदा ॥ 46 ॥
कस्तूरीमृगसंस्थाना कस्तूरीमृगरूपिणी ॥ 47 ॥
कस्तूरीरसनीलाङ्गी कस्तूरीगन्धतोषिता ॥ 48 ॥
कस्तूरीप्रेमसन्तुष्टा कस्तूरीप्राणधारिणी ॥ 49 ॥
कस्तूरीमालिकारूपा कस्तूरीभोजनप्रिया ॥ 50 ॥
कस्तूरीहोमसन्तुष्टा कस्तूरीतर्पणोद्यता ॥ 51 ॥
कस्तूरीपुष्पसम्पूज्या कस्तूरीचर्वणोद्यता ॥ 52 ॥
कस्तूरिकामोदरता कस्तूरीवनवासिनी ॥ 53 ॥
कस्तूरीशक्तिनिलया कस्तूरीशक्तिकुण्डगा ॥ 54 ॥
कस्तूरीजीवसन्तुष्टा कस्तूरीजीवधारिणी ॥ 55 ॥
कस्तूरीजातिभावस्था कस्तूरीगन्धचुम्बना ॥ 56 ॥
कस्तूरीमदनान्तःस्था कस्तूरीमदहर्षदा ॥ 57 ॥
कस्तूरीस्पर्शकप्राणा कस्तूरीनिन्दकान्तका ॥ 58 ॥
कस्तूरीदाननिरता कस्तूरीवरदायिनी ॥ 59 ॥
कस्तूरीकुशलप्राणा कस्तूरीस्तुतिवन्दिता ॥ 60 ॥
कहरूपा कहाढ्या च कहानन्दा कहात्मभूः ॥ 61 ॥
कहमालाकण्ठभूषा कहमन्त्रजपोद्यता ॥ 62 ॥
कहपारायणरता कहदेवी कहेश्वरी ॥ 63 ॥
कहमाता कहान्तःस्था कहमन्त्रा कहेश्वरी ॥ 64 ॥
कहतन्त्रा कहकहा कहचर्यापरायणा ॥ 65 ॥
कहारण्या कहरतिः कहशक्तिपरायणा ॥ 66 ॥
कर्मविद्या कर्मगतिः कर्मतन्त्रपरायणा ॥ 67 ॥
कर्मरेखानाशकर्त्री कर्मरेखाविनोदिनी ॥ 68 ॥
कर्मविद्या कर्मसारा कर्माधारा च कर्मभूः ॥ 69 ॥
कर्मकाली कर्मतारा कर्मच्छिन्ना च कर्मदा ॥ 70 ॥
कर्मकाण्डरतानन्ता कर्मकाण्डानुमानिता ॥ 71 ॥
कमठाराध्यहृदया कमठाकण्ठसुन्दरी ॥ 72 ॥
करुणाकरकान्ता च करुणाकरवन्दिता ॥ 73 ॥
कपर्दिनी कपटिनी कठिना कङ्कभूषणा ॥ 74 ॥
कलभाषामयी कल्पा कल्पना कल्पदायिनी ॥ 75 ॥
ककुद्मिनी कष्टवती करणीयकथार्चिता ॥ 76 ॥
कठोरकुचसंलग्ना कटिसूत्रविराजिता ॥ 77 ॥
कलिघ्नी कलिदूती च कविनायकपूजिता ॥ 78 ॥
कर्त्री च कर्तृकाभूषा कारिणी कर्णशत्रुपा ॥ 79 ॥
कलना कलनाधारा कारिका करका करा ॥ 80 ॥
कन्याराशिः कन्यका च कन्यकाप्रियभाषिणी ॥ 81 ॥
कन्यादानकरानन्दा कन्यादानग्रहेष्टदा ॥ 82 ॥
करमालानन्दकर्त्री करमालाप्रतोषिता ॥ 83 ॥
करमालासिद्धिदात्री करमालाकरप्रिया ॥ 84 ॥
कलानन्दा कलिगतिः कलिपूज्या कलिप्रसूः ॥ 85 ॥
कलनादसमाजस्था कहोला च कहोलदा ॥ 86 ॥
कहोलकविताधारा कहोलृषिमानिता ॥ 87 ॥
कर्तृरूपा कर्तृमयी कर्तृमाता च कर्तरी ॥ 88 ॥
कनीयानन्दनिलया कनकानन्दतोषिता ॥ 89 ॥
करिगम्या करिगतिः करिध्वजपरायणा ॥ 90 ॥
कमनीया कमनका कमनीयविभूषणा ॥ 91 ॥
कमनीयगुणाराध्या कपिला कपिलेश्वरी ॥ 92 ॥
कहचक्रमन्त्रवर्णा कहचक्रप्रसूनका ॥ 93 ॥
केईलह्रींसिद्धिदात्री केईलह्रींस्वरूपिणी ॥ 94 ॥
केवर्गा कपाटस्था कपाटोद्घाटनक्षमा ॥ 95 ॥
कङ्कालभैरवाराध्या कङ्कालमानसंस्थिता ॥ 96 ॥
कलुषघ्नी कलुषहा कलुषार्तिविनाशिनी ॥ 97 ॥
कश्यपा कश्यपाराध्या कलिपूर्णकलेवरा ॥ 98 ॥
करालभैरवाराध्या करालभैरवेश्वरी ॥ 99 ॥
कपर्दीशप्रेमलता कपर्दिमालिकायुता ॥ 100 ॥
करवीरप्रियप्राणा करवीरप्रपूजिता ॥ 101 ॥
करीषाग्निस्थिता कर्षा कर्षमात्रसुवर्णदा ॥ 102 ॥
कपिला कलकण्ठी च कलिकल्पलता मता ॥ 103 ॥
कर्पूरामोदरुचिरा कर्पूरामोदधारिणी ॥ 104 ॥
कर्पूरमालाजयदा कर्पूरार्णवमध्यगा ॥ 105 ॥
कपटेश्ववरसम्पूज्या कपटेश्वररूपिणी ॥ 106 ॥
कलापपुष्परुचिरा कलापपुष्पपूजिता ॥ 107 ॥
कथङ्कारविनिर्मुक्ता काली कालक्रिया क्रतुः ॥ 108 ॥
कामिनीपुष्पनिलया कामिनीपुष्पपूर्णिमा ॥ 109 ॥
कामिनीपुष्पतिलका कामिनीकुण्डचुम्बना ॥ 110 ॥
कामिनीकुण्डसम्मग्ना कामिनीकुण्डमध्यगा ॥ 111 ॥
कामिनीमानसञ्चारा कालिका कालकालिका ॥ 112 ॥
कामभावा कामरता कामार्ता काममञ्जरी ॥ 113 ॥
कामकाली कामकला कालिका कमलार्चिता ॥ 114 ॥
कल्पान्तदहना कान्ता कान्तारप्रियवासिनी ॥ 115 ॥
कालवीरा कालघोरा कालसिद्धा च कालदा ॥ 116 ॥
कालृद्धिः कालवृद्धिः कारागृहविमोचिनी ॥ 117 ॥
काशी काञ्ची च काञ्चीशा काशीशवरदायिनी ॥ 118 ॥
काम्या काम्यगतिः काम्यसिद्धिदात्री च कामभूः ॥ 119 ॥
कामदेवकलारामा कामदेवकलालया ॥ 120 ॥
कामरूपा कामगतिः कामयोगपरायणा ॥ 121 ॥
कालभैरवभार्या च कालभैरवकामिनी ॥ 122 ॥
कामधेनुः कामदोग्ध्री काममाता च कान्तिदा ॥ 123 ॥
कार्तवीर्या कार्तिकेया कार्तिकेयप्रपूजिता ॥ 124 ॥
कान्तिगम्या कान्तिमयी कान्त्या कात्यायनी च का ॥ 125 ॥
कामरूपाचाररता कामरूपप्रियंवदा ॥ 126 ॥
कार्तिकी कार्तिकाराध्या काञ्चनारप्रसूनभूः ॥ 127 ॥
काञ्चरूपा काञ्चभूमिः कांस्यपात्रप्रभोजिनी ॥ 128 ॥
काशपुष्पप्रतीकाशा कामद्रुमसमागमा ॥ 129 ॥
कामदेहा कामगेहा कामबीजपरायणा ॥ 130 ॥
काश्यपी काश्यपाराध्या काश्यपानन्ददायिनी ॥ 131 ॥
कादेवपूजानिरता कादेवपरमार्थदा ॥ 132 ॥
कार्मणत्रोटनकरी काकिनी कारणाह्वया ॥ 133 ॥
कालागुरुविभूषाढ्या कालागुरुविभूतिदा ॥ 134 ॥
कावेरीनीरसम्प्रीता कावेरीतीरवासिनी ॥ 135 ॥
कानना काननाधारा कारुः कारुणिकामयी ॥ 136 ॥
कादम्बरीपानरता तथा कादम्बरी कला ॥ 137 ॥
कामराजेश्वरीविद्या कामकौतुकसुन्दरी ॥ 138 ॥
काञ्चनाद्रिसमाकारा काञ्चनाद्रिप्रदानदा ॥ 139 ॥
कामभेदी च कामार्तिनाशिनी कामभूमिका ॥ 140 ॥
कायस्थाकामसन्दीप्तिः काव्यदा कालसुन्दरी ॥ 141 ॥
काञ्चीनूपुरभूषाढ्या कुङ्कुमाभरणान्विता ॥ 142 ॥
कुन्दमध्या कुन्दपुष्पा कुन्दपुष्पप्रिया कुजा ॥ 143 ॥
कुञ्जरस्था कुशरता कुशेशयविलोचना ॥ 144 ॥
कुम्भीनसविभूषा च कुम्भीनसवधोद्यता ॥ 145 ॥
कुलालगृहकन्या च कुलचूडामणिप्रिया ॥ 146 ॥
कुलभूषा तथा कुक्षिः कुररीगणसेविता ॥ 147 ॥
कुलवस्त्रा कुलाराध्या कुलकुण्डसमप्रभा ॥ 148 ॥
कुण्डपुष्पप्रसन्नास्या कुण्डगोलोद्भवात्मिका ॥ 149 ॥
कुण्डगोलप्रियप्राणा कुण्डगोलप्रपूजिता ॥ 150 ॥
कुण्डदेवरता क्रुद्धा कुलसिद्धिकरा परा ॥ 151 ॥
कुण्डसिद्धिः कुण्डृद्धिः कुमारीपूजनोद्यता ॥ 152 ॥
कुमारीकामसन्तुष्टा कुमारीपूजनोत्सुका ॥ 153 ॥
कुमारीभोजनप्रीता कुमारी च कुमारदा ॥ 154 ॥
कुललिङ्गा कुलानन्दा कुलरम्या कुतर्कधृक् ॥ 155 ॥
कुल्ला च कुरुकुल्ला च कुल्लुका कुलकामदा ॥ 156 ॥
कुलीना कुञ्जरगतिः कुञ्जरेश्वरगामिनी ॥ 157 ॥
कुलयोगेश्वरी कुण्डा कुङ्कुमारुणविग्रहा ॥ 158 ॥
कुङ्कुमाकुसुमप्रीता कुलभूः कुलसुन्दरी ॥ 159 ॥
कुलटालयमध्यस्था कुलटासङ्गतोषिता ॥ 160 ॥
कुलार्णवाचाररता कुण्डली कुण्डलाकृतिः ॥ 161 ॥
कूटस्था कूटदृष्टिश्च कुन्तला कुन्तलाकृतिः ॥ 162 ॥
कुं कुं कुं कुं शब्दरता क्रुं क्रुं क्रुं क्रुं परायणा ॥ 163 ॥
कुक्कुरासङ्गसंयुक्ता कुक्कुरानन्तविग्रहा ॥ 164 ॥
कुलिनी कुलसंस्थाना कूर्चकण्ठपरागतिः ॥ 165 ॥
कुलवृक्षगता कूर्मा कूर्माचलनिवासिनी ॥ 166 ॥
कुलबिन्दुमणिप्रख्या कुङ्कुमद्रुमवासिनी ॥ 167 ॥
कुचस्पर्शनसन्तुष्टा कुचालिङ्गनहर्षदा ॥ 168 ॥
कुगायना कुचधरा कुमाता कुन्ददन्तिनी ॥ 169 ॥
कीर्तिः किरातिनी क्लिन्ना किन्नरा किन्नरीक्रिया ॥ 170 ॥
किर्मीरितदृशापाङ्गी किशोरी च किरीटिनी ॥ 171 ॥
किंशुका कीरभाषा च क्रियासारा क्रियावती ॥ 172 ॥
कां कीं कूं कैं स्वरूपा च कः फट् मन्त्रस्वरूपिणी ॥ 173 ॥
कैकदा केशिनी केशी केशिसूदनतत्परा ॥ 174 ॥
कैरवा कैरवाह्लादा केशरा केतुरूपिणी ॥ 175 ॥
क्लैब्यविनाशिनी क्लैं च क्लैं बीजजपतोषिता ॥ 176 ॥
कोलापुरनिवासा च कोलासुरविनाशिनी ॥ 177 ॥
केका च कोकिला कोटिः कोटिमन्त्रपरायणा ॥ 178 ॥
केरलाचारनिपुणा केरलेन्द्रगृहस्थिता ॥ 179 ॥
क्रोधरूपा क्रोधपदा क्रोधमाता च कौशिकी ॥ 180 ॥
कौलिनी कौलिकाराध्या कौलिकागारवासिनी ॥ 181 ॥
कौण्डिन्या कौशिकी क्रोधज्वालाभासुररूपिणी ॥ 182 ॥
कृत्तिका कृष्णवर्णा च कृष्णा कृत्या क्रियातुरा ॥ 183 ॥
क्रौं क्रौं हूं फट् मन्त्रवर्णा क्रीं ह्रीं हूं फट् नमः स्वधा ॥ 184 ॥
इति श्रीसर्वसाम्राज्यमेधानाम सहस्रकम् ॥ 185 ॥
