गोपिकां परमां श्रेष्ठां ह्लादिनीं शक्तिरूपिणीम् ॥
श्रीकृष्णाङ्ग सदाध्यात्री नवधाभक्तिकारिणी ॥
दामोदरप्रिया-राधा मनोभीष्टप्रदायिनी ॥
श्रीराधिकासहस्रनामानि ॥
अध्यक्षरा आदिरूपा अनादिराशेश्वरी ॥ 1॥
अष्टसिद्धिप्रदादेवी अभया अखिलेश्वरी ॥ 2॥
अनुकम्पाप्रदा-राधा अपराधप्रणाशिनी ॥ 3॥
अमला अबला बाला अतुला च अनूपमा ॥ 4॥
अच्युता रमणी आद्या अङ्गरागविधायिनी ॥ 5॥
अवनीधारिणीदेवी अचिन्त्याद्भुतरूपिणी ॥ 6॥
अभीष्टदा अंशमुखी अक्षयाद्भुतरूपिणी ॥ 7॥
अखिलानन्दिनी आद्या अयाना कृष्णमोहिनी ॥ 8॥
आह्लादिनी आदिशक्तिरन्नदा अभयापि च ॥ 7॥
इन्दुमुखी दिव्यहासा इष्टभक्तिप्रदायिनी ॥ 10॥
इष्टदायीश्वरी माया इष्टमन्त्रस्वरूपिणी ॥ 11॥
ऐरावतवती पूज्या अपारगुणसागरा ॥ 12॥
श्रीकृष्णाङ्गसदाध्यायी कृष्णानन्दप्रदायिनी ॥ 13॥
कृष्णसम्मोहिनीनित्या कृष्णानन्दप्रवर्धिनी ॥ 14॥
कृष्णप्रिया कृष्णकान्ता कृष्णसेवापरायणा ॥ 15॥
कृष्णचित्तहरादेवी कीर्तिदाकुलपद्मिनी ॥ 16॥
कृष्णानुरागिणी धन्या किशोरी कृष्णवल्लभा ॥ 17॥
कृष्णप्रेममयी-राधा कल्याणी कमलानना ॥। 18॥
कृष्णसून्मादिनी काम्या कृष्णलीला शिरोमणी ।
कृष्णसञ्जीवनी-राधा कृष्णवक्षस्थलस्थिता ॥ 19॥
श्रीकृष्णरमणीराधा कृष्णप्रेमाऽकलङ्किणी ॥ 20॥
श्रीकृष्णमहिषी पूर्णा श्रीकृष्णाङ्गप्रियङ्करी ॥ 21॥
कृष्णसंयुक्तकामेशी श्रीकृष्णप्रियवादिनी ॥ 22॥
कृष्णप्राणेश्वरी धीरा कमलाकुञ्जवासिनी ॥ 23॥
कृष्णप्रसाध्यमाना च कृष्णप्रेमपरायणा ॥ 24॥
कुञ्जाधिराजमहिषी पूजन्नूपुररञ्जनी ॥ 25॥
कुन्दकुसुमदन्ता च कस्तूरिबिन्दुभिः शुभा ॥ 26॥
कुञ्जविहारिणी गोपी कुन्ददामसुशोभिनी ॥ 27॥
कन्दर्पदमनादेवी कौमारी नवयौवना ॥ 28॥
काञ्चनाङ्गी कुरङ्गाक्षी कनकाङ्गुलिधारिणी ॥ 29॥
कल्पदृमा कृपाध्यक्षा कृष्णसेवा परायणा ॥ 30॥
गोलोकधामिनी-राधा गोकुलानन्ददायिनी ॥ 31॥
गोपालवल्लभा गोपी गौराङ्गी गोधनेश्वरी ॥ 32॥
गजेन्द्रगामिनीगन्या गन्धर्वकुलपावनी ॥ 33॥
गुणगम्या गृहलक्ष्मी गोप्येचूडाग्रमालिका ॥। 34॥
गङ्गागीतागतिर्दात्री गायत्री ब्रह्मरूपिणी ।
गन्धपुष्पधरादेवी गन्धमाल्यादिधारिणी ॥ 35॥
ज्ञानदागुणदागम्या गोपिनी गुणशोभिनी ॥ 36॥
गोपिनी गोकुलेन्द्राणी गोपिका गुणशालिनी ॥ 37॥
गोपालस्य प्रियाराधा कुञ्जपुञ्जविहारिणी ॥ 38॥
गोपाङ्गनाप्रियाराधा गौराङ्गी गौरवान्विता ॥ 39॥
गीर्वाणवन्द्या गीर्वाणी गोपिनी गणशोभिता ॥ 40॥
घूर्णायमाननयना घोरकल्मषनाशिनी ॥ 41॥
चन्द्राननी चन्द्रकान्ती चन्द्रकोटिसमप्रभा ॥ 42॥
चन्द्रार्कनखरज्योती चारुवेणीशिखारुचिः ॥ 43॥
चारुगोरोचनागौरी चतुर्वर्गप्रदायिनी ॥ 44॥
चराचरेश्वरीदेवी चिन्तातीता जगन्मयी ॥ 45॥
चिन्मयी चित्शक्तिरूपा चर्चिताङ्गी मनोरमा ॥ 46॥
चतुरापाङ्गमाधुर्या चारुचञ्चललोचना ॥ 47॥
जगत्कर्त्री जगद्धात्री जगदाधाररूपिणी ॥ 48॥
जयप्रदाजयालक्ष्मी जयन्ती सुयशप्रदा ॥ 49॥
जगहिता जगत्पूज्या जननी लोकपालिनी ॥ 50॥
जगन्माता योगमाया जीवानां गतिदायिनी ॥ 51॥
जपाकुसुमसङ्काशा पादाब्जामणिमण्डिता ॥ 52॥
जितेन्द्रिया यज्ञरूपा यज्ञाङ्गी जलशायिनी ॥ 53॥
जाह्नवी यमुनारूपा जाम्बूनदस्वरूपिणी ॥ 54॥
टङ्कारिणी महाध्याना दिव्यवाद्यविनोदिनी ॥ 55॥
तिलपुष्पजितानासा तुलसीमञ्जरीप्रिया ॥ 56॥
तुलसीतोषकर्त्री च कृष्णचन्द्रतपस्विनी ॥ 57॥
त्रैलोक्यमङ्गलादेवी दिग्धमूलपदद्वयी ॥ 58॥
त्रैलोक्यसुन्दरी धन्या तन्त्रमन्त्रस्वरूपिणी ॥ 59॥
तेजस्विनी तपोमूर्ती तापत्रयविनाशिनी ॥ 60॥
त्रयोदशवयोनित्या तरुणीनवयौवना ॥ 61॥
स्थितिरूपा स्थिरा शान्ता स्थितसंसारपालिनी ॥ 62॥
दयामयी दयाध्यक्षा दिव्ययोगप्रदर्शिनी ॥ 63॥
दुर्गतिनाशिनी-राधा दुर्गा दुःखविनाशिनी ॥ 64॥
दयार्द्रसागराराधा महादारिद्र्यनाशिनी ॥ 65॥
द्वारकावासिनी देवी दुःखशोकविनाशिनी ॥ 66॥
दान्ता शान्ता कृपाध्यक्षा दक्षिणायज्ञकारिणी ॥ 67॥
ध्वजवज्राब्जपाशाङ्घ्री धीमहीचरणाम्बुजा ॥ 68॥
धर्माध्यक्षा ध्यानगम्या धरणीभारनाशिनी ॥ 69॥
धरणीधारिणीधन्या धर्मसङ्कटरक्षिणी ॥ 70॥
धर्मसंस्थापनाधाग्रा ध्रुवानन्दप्रदायिनी ॥ 71॥
नवयौवनसम्पन्ना नन्दनन्दनकारिणी ॥ 72॥
नानारत्नविचित्राङ्गी नानासुखमयीसुधा ॥ 73॥
नवीनप्रवणाधन्या नीलपद्मविधारिणी ॥ 74॥
निर्विकारा नित्यरूपा निष्कलङ्का निरामया ॥ 75॥
नितम्बिनि निराकाङ्क्षा नित्या सत्या सनातनी ॥ 76॥
निरपेक्षा निरूपमा नारायणी नरेश्वरी ॥ 77॥
निकुञ्जवासिनी-राधा निर्गुणागुणसागरा ॥ 78॥
निधूवनवनानन्दा निकुञ्जशी च नागरी ॥ 79॥
पूर्णचन्द्रमुखी देवी प्रधानाप्रकृतिपरा ॥ 80॥
पूर्णानन्दमयी-राधा पूर्णब्रह्मसनातनी ॥ 81॥
पराशक्ति पराभक्ति परमानन्ददायिनी ॥ 82॥
पङ्कजाक्षी महालक्ष्मी पीनोन्नतपयोधरा ॥ 83॥
पद्मरागधरादेवी पौर्णमासीसुखास्वदा ॥ 84॥
प्रेमभक्तिप्रदा-राधा प्रेमानन्दप्रदायिनी ॥ 85॥
पद्मासना महापद्मा पद्ममाला-विधारिणी ॥ 86॥
पुण्डरीकाक्षप्रेमाङ्गी पुण्डरीकाक्षरोहिनी ॥ 87॥
फलप्रिया स्फूर्तिदात्री महोत्सवविहारिणी ॥ 88॥
वृन्दावनेश्वरी-राधा वृन्दावनविलासिनी ॥ 89॥
वृन्दा वृन्दावनानन्दा व्रजेन्द्रा च वरप्रदा ॥ 90॥
वृषभानुराधेकन्या व्रजराजसुतप्रिया ॥ 91॥
वेणुवाद्यप्रियाराधा वेणुवाद्यपरायणा ॥ 92॥
विश्वोदरी विशालाक्षी व्रजलक्ष्मी वरप्रदा ॥ 93॥
वराङ्गना कराम्भोजा वल्लवी वृजमोहिनी ॥ 94॥
विश्वेश्वरी विश्वकर्त्री वेद्यमन्त्रस्वरूपिणी ॥ 95॥
व्रजेश्वरी विश्वरूपा वैष्णवी विघ्ननाशिनी ॥ 96॥
वरदा वाक्यसिद्धा च बुद्धिदा वाक्प्रदायिनी ॥ 97॥
विशाखासख्यविजिता वंशीवटविहारिणी ॥ 98॥
वेदातीता गुणातीता विदग्धा विजनप्रिया ॥ 99।
भक्तभक्तिप्रिया-राधा भक्तमङ्गलदायिनी ।
भगवन्मोहिनी देवी भवक्लेशविनाशिनी ॥ 100॥
भागीरथी भाग्यवती भूतेशी भवकारिणी ॥ 101॥
भक्तात्मा भुवनानन्दा भाविका भक्तवत्सला ॥ 102॥
भानुशक्तिच्छलाधीरा भक्तानुग्रहकारिणी ॥ 103॥
महालक्ष्मी महामान्या माधवस्वान्तमोहिनी ॥ 104॥
मोक्षदा मानदा भद्रा मङ्गलाऽमङ्गलात्पदा ॥ 105॥
माधव्याङ्गी मनोरामा रम्या मुकुररञ्जनी ॥ 106॥
मुकुन्दाङ्गकृतापाङ्गी मालिनी हरिमोहिनी ॥ 107॥
नित्यवृन्दा महादेवी महेन्द्रकृतशेखरी ॥ 108॥
माधवमुखपद्मस्या मथुपानमधुव्रता ॥ 109॥
मन्त्रसिद्धिकृता-राधा मूलमन्त्रस्वरूपिणी ॥ 110॥
मदनामोहिनीमान्या मञ्जीरचरणोत्पला ॥ 111॥
यौवनापूर्णसौन्दर्या यमुनातटवासिनी ॥ 112॥
युग्मश्रीफलसुवत्सा युग्माङ्गदविधारिणी ॥ 113॥
श्रीराधा परमाराध्या राधिका कृष्णमोहिनी ॥ 114॥
राधादेवी पराप्राप्ता श्रीराधापरमेश्वरी ॥ 115॥
राधारासमयीपूर्णा रसज्ञा रसमञ्जरी ॥ 116॥
रञ्जनी रसवृन्दाच रत्नालङ्कारधारिणी ॥ 117॥
रमणीरामणीरम्या राधिकारमणीपरा ॥ 118॥
राकेन्दुकोटिसौन्दर्या रत्नाङ्गदविधारिणी ॥ 119॥
लक्ष्मीरूपा च ललना ललितादिसखिप्रिया ॥ 120॥
लोलाक्षी ललिताङ्गी च ललिताजीवतारका ॥ 121॥
ललिताप्रेमललितानुग्धप्रेमलिलावती ॥ 122॥
लीलारङ्गीरती रम्या लीलागानपरायणा ॥ 123॥
शुद्धकाञ्चनगौराङ्गी शङ्खकङ्कणधारिणी ॥ 124॥
सुचारुकबरीयुक्ता शशिरेखा शुभङ्करी ॥ 125॥
सुन्दराङ्गी सुवर्णाङ्गी सुशीला शुभदायिनी ॥ 126॥
सुरेश्वरी सुकुमारी शुभाङ्गी सुमशेखरा ॥ 127॥
सिद्धिधात्री महाशान्ती सुन्दरी शुभदायिनी ॥ 128॥
शालग्रामप्रिया-राधा सर्वदा नवयौवना ॥ 129॥
सर्वाङ्गसुन्दरी-राधा सर्वसल्लक्षणान्विता ॥ 130॥
सदानन्दमयीदेवी सर्वमङ्गलदायिनी ॥ 131॥
संसारपारकरणी सदाकृष्णकुतूहला ॥ 132॥
सत्यस्वरूपा सत्या च सत्यनित्या सनातनी ॥ 133॥
सदाकिशोरिकागोष्ठी सुबलावेशधारिणी ॥ 134॥
श्यामामृतरसेमग्ना सदासीमन्तिनीसखी ॥ 135॥
हेमाङ्गीवरदाहन्त्री भूमाता हंसगामिनी ॥ 136॥
हरिविनोदिनी-राधा हरिसेवापरायणा ॥ 137॥
हेमाङ्गवर्णारम्या श्रेषहृत्पद्मवासिनी ॥ 138॥
क्षेमङ्करी क्षीणमध्या क्षमारूपा क्षमावती ॥ 139॥
क्षमाशीला क्षमादात्री क्षौमवासोविधारिणी ।
क्षान्तिनामावयवती क्षीरोदार्णवशायिनी ॥ 140॥
इष्टसिद्धिर्भवेत्तस्या मन्त्रसिद्धिर्भवेत् ध्रुवम् ॥ 141॥
वाञ्छासिद्धिर्भवेत्तस्य भक्तिस्यात् प्रेमलक्षण ॥ 142॥
अन्तकालेभवेत्तस्य राधाकृष्णेचसंस्थितिः ॥ 143॥
