कलियुग में तुम ही, हो दीनबन्धु स्वामी॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
सुभद्रा बलभद्र संग, करते भक्तों का उद्धार॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
सुंदर रूप तुम्हारा, भक्तों को प्यारा लागे॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
जो कोई प्रेम से गाता, सब दुःख दूर होये॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
मोदक मेवा पकवान, भोग तुझे है लगाते॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
कहते शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति है पाता॥
जय जगन्नाथ स्वामी...॥
