दोउ कर जोरेँ बिनवौं प्रभु! सुनिये बाता॥
जय जानकीनाथा...॥
तुम ही सज्जन-संगी भक्ति-मुक्ति-दाता॥
जय जानकीनाथा...॥
निसदिन प्रभु मोहि राखिये अपने ही पासा॥
जय जानकीनाथा...॥
जगमग ज्योति बिराजै, सोभा अति लहिया॥
जय जानकीनाथा...॥
स्वर्णथाल कर आरती कौसल्या माता॥
जय जानकीनाथा...॥
मनीर राम दरसन करि पल-पल बलिहारी॥
जय जानकीनाथा...॥
