शिखिवर्यतुरङ्गाय सुब्रह्मण्याय मङ्गलम् ॥ 1 ॥
राजराजादिवन्द्याय रणधीराय मङ्गलम् ॥ 2 ॥
तारकासुरकालाय बालकायास्तु मङ्गलम् ॥ 3 ॥
उल्लसन्मणिकोटीरभासुरायास्तु मङ्गलम् ॥ 4 ॥
कुलिशायुधहस्ताय कुमारायास्तु मङ्गलम् ॥ 5 ॥
देवसेनासमेताय दैवतायास्तु मङ्गलम् ॥ 6 ॥
कमलापतिवन्द्याय कार्तिकेयाय मङ्गलम् ॥ 7 ॥
शीतभानुसमास्याय शरण्यायास्तु मङ्गलम् ॥ 8 ॥
पठन्ती प्रत्यहं भक्त्या प्राप्नुयुस्ते परां श्रियम् ॥ 9 ॥
