सुधर साँवरा सूरत भोरी। (कृष्ण)
श्यामा-श्याम एक-सी जोरी। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नमः ॥
पट पीतांबर कामर कारी। (कृष्ण)
एकरूप अनुपम छबि प्यारी। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नमः ॥
मोर मुकुट सिर दमदम दमकै। (कृष्ण)
युगल-प्रेम रस झमझम झमकै। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नमः ॥
भव-भय सागर पार लगैया। (कृष्ण)
मंगल-मूरति, मोक्ष-करैया। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नमः ॥
