पूजां गृहाण कौमारि जगन्मातर्नमोऽस्तु ते ॥ १ ॥
त्रैलोक्यवन्दितां देवीं त्रिमूर्तिं पूजयाम्यहम् ॥ २ ॥
कल्याणजननीं देवीं कल्याणीं पूजयाम्यहम् ॥ ३ ॥
अनन्तशक्तिकां लक्ष्मीं रोहिणीं पूजयाम्यहम् ॥ ४ ॥
कामदां करुणोदारां कालिकां पूजयाम्यहम् ॥ ५ ॥
पूजयामि सदा देवीं चण्डिकां चण्डविक्रमाम् ॥ ६ ॥
सर्वभूतात्मिकां लक्ष्मीं शाम्भवीं पूजयाम्यहम् ॥ ७ ॥
पूजयामि सदा भक्त्या दुर्गां दुर्गार्तिनाशिनीम् ॥ ८ ॥
सुभद्रजननीं देवीं सुभद्रां पूजयाम्यहम् ॥ ९ ॥
