कश्यपाऽत्रिसमुद्भूतौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १ ॥
अत्युष्णानुष्णकिरणौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ २ ॥
लसत्पद्मगदाहस्तौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ३ ॥
सप्तमी दशमी जातौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ४ ॥
आरोग्याह्लादकर्तारौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ५ ॥
सहस्रषोडशकलौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ६ ॥
माणिक्यमुक्तासुप्रीतौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ७ ॥
वृष्टिसस्याकरकरौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ८ ॥
रामकृष्णान्वयकरौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ९ ॥
सिद्धान्तव्याकृतिकरौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १० ॥
गोधूमतण्डुलप्रीतौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ ११ ॥
मन्देहदेवजेतारौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १२ ॥
महाध्वरप्रकर्तारौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १३ ॥
यमुनानर्मदातारौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १४ ॥
विशाखाकृत्तिकाजातौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १५ ॥
क्षत्रद्विजमहाराजौ सूर्यचन्द्रौ गतिर्मम ॥ १६ ॥
विलसत्पुष्पवत् स्तोत्र कलाश्लोकविराजितम् ॥ १७ ॥
ते लभन्ते पुत्रपौत्राद्यायुरारोग्यसम्पदः ॥ १८ ॥
