वन्दे वाग्देवतां ध्यात्वा देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ १ ॥
तरुणेन्दुनिभां वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ २ ॥
सर्वसम्पत्करीं वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ३ ॥
पद्मरागनिभां वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ४ ॥
पञ्चब्रह्ममयीं वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ५ ॥
षट्कोणान्तःस्थितां वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ६ ॥
हरिप्रियानुजां वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ७ ॥
अष्टमूर्तिमयीं वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ८ ॥
नवयौवनशोभाढ्यां वन्दे त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ ९ ॥
काञ्चीपुरीश्वरीं वन्दे देवीं त्रिपुरसुन्दरीम् ॥ १० ॥
