हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥
शीश पे छत्र विराजे, मूरतिया प्यारी।
गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी॥
जय वैष्णवी माता...॥
सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे॥
जय वैष्णवी माता...॥
बार-बार देखन को, ऐ माँ मन चावे॥
जय वैष्णवी माता...॥
ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे॥
जय वैष्णवी माता...॥
दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा॥
जय वैष्णवी माता...॥
उसकी इच्छा पूरण, माता हो जावे॥
जय वैष्णवी माता...॥
कहते सेवक ध्यानू, सुख सम्पत्ति पावे॥
जय वैष्णवी माता...॥
