आदि शक्ति कलयुग में, आकर करे निवासा॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
जो भी द्वारे आता, भर देती झोली खाली॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
पिण्डी रूप में प्रकट हो, भव भय दूर कीना॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
मनवांछित फल पाता, तुझसे जो भी है माँगा॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
तेरी कृपा से मैया, घर में भण्डार भरे॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
सुख-समृद्धि, वैभव, सब कुछ वो पा जावे॥
जय चिंतपूर्णी माता...॥
