तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े, तोपे चढ़े दूध की धार।
तेरे माथे मुकुट बिराज रहेयो॥
तेरे माथे मुकुट बिराज रहेयो॥
तेरे गले में कंठा सोहे, तेरी झांकी बनी विशाल।
तेरे माथे मुकुट बिराज रहेयो॥
सो नर बड़े भागशाली, पाप-ताप सब मिट जावे॥
तेरे माथे मुकुट बिराज रहेयो॥
