हे समरथ परिपूरन, हे अंतरयामी॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
कावेरी के नाथ हो, शिवजी के दुलारे॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
देवलोक में जागृत, आप ही हो साक्षात॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
करनाली में विराजत, भोले भंडारी॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
मनवांछित फल देते, जो मन से ध्याये॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
दास जयंत कर वंदे, जाये बलिहारी॥ ॐ जय कुबेर स्वामी॥
